हरियाणा में 14-15 अक्टूबर को ओलावृष्टि-तूफान की चेतावनी

हरियाणा: मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि 14-15 अक्टूबर को हरियाणा में ओलावृष्टि, आंधी-तूफान और 60 किमी/घंटा तक की रफ़्तार से हवाएं चल सकती हैं। इससे खड़ी फसलों और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने और सामान्य जनजीवन बाधित होने की आशंका जतायी गयी है।
आईएमडी ने आज सुबह जारी अपने पूर्वानुमान बुलेटिन में कहा कि आज इस क्षेत्र में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, और इसके बाद बुधवार और गुरुवार को बारिश हो सकती है। विभाग ने आज से 15 अक्टूबर के बीच हरियाणा, में कुछ जगहों पर बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) की रफ़्तार से हवा चलने के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका जताया है। 14 और 15 अक्टूबर को कुछ जगहों पर ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान जताया गया है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों, बागवानी वाली फसलों, बिजली और संचार लाइनों तथा कमजोर संरचनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। पेड़ों की शाखाएं गिरने और हवा में मलबा उड़ने से लोगों और पशुधन के लिए खतरा पैदा हो सकता है। खरीफ़ की फसल की कटाई और खरीद के मौसम के बीच हरियाणा और पंजाब जैसे कृषि-प्रधान राज्यों के लिए यह चेतावनी अहम है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित जगहों पर ले जाएं, उसे तिरपाल से ढकें और तेज़ हवाओं से फ़सल को सुरक्षित रखें। आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत में मौसम की स्थिति प्रभावित हो रही है। यह पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में दिखाई दे रहा है। इसके साथ ऊपरी वायुमंडल में एक द्रोणिका भी बनी हुई है।
विभाग ने बताया कि हरियाणा के करनाल में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 12 अक्टूबर के मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, मैदानी इलाकों में यह सबसे कम न्यूनतम तापमान था। आईएमडी ने लोगों को सलाह दी है कि वे आंधी-तूफ़ान के दौरान घर के अंदर रहें, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, बिजली के उपकरणों से दूर रहें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें। इस बीच आज से गुरुवार के दौरान जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में काफ़ी ज़्यादा से लेकर व्यापक बारिश का अनुमान है, और कल कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।



