बिना डॉक्टर से पूछे ले रहे हैं कैल्शियम सप्लीमेंट्स?

आजकल हड्डियों या जोड़ों में हल्का-सा भी दर्द होने पर लोग तुरंत कैल्शियम सप्लीमेंट खाना शुरू कर देते हैं। कैल्शियम बेशक हमारे शरीर के लिए एक बेहद जरूरी मिनरल है। यह न सिर्फ हमारी हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता है, बल्कि हमारी मांसपेशियों, नसों और दिल के काम करने के तरीके को भी दुरुस्त रखता है।

अक्सर खराब खानपान, बढ़ती उम्र, हार्मोन्स में होने वाले बदलाव, गर्भावस्था या किसी बीमारी की वजह से शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर कैल्शियम की गोलियां या सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या बिना सोचे-समझे इसे लेना सही है? आइए इस आर्टिकल में इसके फायदों और नुकसान को समझते हैं।

कैल्शियम सप्लीमेंट खाने के फायदे
अगर डॉक्टर की सलाह पर सही मात्रा में कैल्शियम लिया जाए, तो शरीर को इसके कई शानदार फायदे मिलते हैं:

हड्डियों के लिए वरदान: कैल्शियम हमारी हड्डियों का मुख्य हिस्सा है। सप्लीमेंट लेने से ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा काफी कम हो जाता है। महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह विशेष रूप से फायदेमंद है।
मांसपेशियों को मिलती है ताकत: यह मांसपेशियों को सिकुड़ने और आराम देने में मदद करता है। शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा होने से मसल्स में ऐंठन और कमजोरी की शिकायत नहीं होती।
नसों का बेहतर तालमेल: हमारे शरीर के सभी अंगों का आपस में सही तालमेल बना रहे, इसके लिए कैल्शियम नर्व्स के जरिए सिग्नल भेजने का भी बेहद अहम काम करता है।
दिल को रखे सेहतमंद: यह आपके दिल की धड़कनों को नियमित रखने में मदद करता है और हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है।
गर्भावस्था में जरूरी: प्रेगनेंसी के दौरान और बच्चे को स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए कैल्शियम बेहद आवश्यक होता है, क्योंकि यह मां और बच्चे दोनों को फायदा पहुंचाता है।

ज्यादा कैल्शियम लेने के साइड इफेक्ट्स
किसी भी चीज की अति बुरी होती है। अगर आप जरूरत से ज्यादा कैल्शियम लेते हैं, तो इसके कुछ गंभीर नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं:

पेट की परेशानियां: बहुत ज्यादा मात्रा में इसे खाने से आपको कब्ज, गैस, अपच या पेट फूलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
किडनी स्टोन का खतरा: अगर आप बहुत ज्यादा कैल्शियम ले रहे हैं और पानी कम पीते हैं, तो किडनी में पथरी बनने का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
खून में कैल्शियम का बढ़ना: अगर खून में कैल्शियम का लेवल अचानक बहुत ज्यादा हो जाए, तो आपको उल्टी, थकान, उलझन और दिल की धड़कन के अनियमित होने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
अन्य पोषक तत्वों में रुकावट: शरीर में कैल्शियम की अधिकता होने पर यह आयरन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे अन्य जरूरी मिनरल्स को शरीर में अच्छे से एब्जॉर्ब नहीं होने देता है।

कैल्शियम सप्लीमेंट इस्तेमाल करने का सही तरीका
अगर आप चाहते हैं कि कैल्शियम सप्लीमेंट का आपको सिर्फ फायदा मिले, तो इन जरूरी बातों का ध्यान हमेशा रखें:

डॉक्टर से पूछकर ही लें: हर इंसान के शरीर की जरूरत अलग होती है। इसलिए इसे हमेशा किसी डॉक्टर या न्यूट्रिशन एक्सपर्ट की सलाह के बाद ही शुरू करें।
विटामिन डी है इसका साथी: कैल्शियम शरीर में तभी अच्छे से पचता है जब विटामिन-डी मौजूद हो। इसलिए इन दोनों को एक साथ लेना सबसे बेहतर माना जाता है।
खाने के बाद ही खाएं: अधिकतर कैल्शियम सप्लीमेंट को भोजन के बाद लेने की ही सलाह दी जाती है। एक बार में बहुत बड़ी डोज लेने से बचें।
पानी पीने में कंजूसी न करें: सप्लीमेंट लेते समय पूरे दिन खूब सारा पानी पिएं। ऐसा करने से आपकी किडनी पर कोई एक्स्ट्रा प्रेशर नहीं पड़ेगा।
नेचुरल फूड्स हैं सबसे बेस्ट: गोलियों से हमेशा बेहतर है कि आप नेचुरल डाइट पर फोकस करें। दूध, दही, पनीर, रागी, बादाम, तिल और हरी पत्तेदार सब्जियों से मिलने वाला कैल्शियम सबसे सुरक्षित और फायदेमंद होता है।

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