आंध्र प्रदेश के तट से टकराया चक्रवात मुरासु, ट्रेनें-फ्लाइट रद

बंगाल की खाड़ी में बना गंभीर चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ आंध्र प्रदेश के तटीय इलाके को पार कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 3 नवंबर की सुबह तड़के 03:30 से 05:30 बजे के बीच इस तूफान ने ओंगोल के पास नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट को पार किया।
लैंडफॉल के दौरान 100 से 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जो झोंकों में 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गईं। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उत्तर तमिलनाडु के तटों के लिए रेड अलर्ट जारी कर लोगों को सावधान रहने की चेतावनी दी है।
कई ट्रेनें और फ्लाइट रद
एहतियात के तौर पर दक्षिण तटीय रेलवे ने 9 ट्रेनें रद कर दी हैं। विजयवाड़ा, गुडूर, गुंटूर और तेनाली जैसे रूटों पर रेल यातायात प्रभावित हुआ है। खराब मौसम के कारण 30 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं। इनमें आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से 19 घरेलू उड़ानें और चेन्नई एयरपोर्ट से 11 उड़ानें रद करनी पड़ी हैं।
क्या है तूफान की मौजूदा स्थिति?
आज सुबह 05:30 बजे यह चक्रवाती तूफान दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में ओंगोल के पास केंद्रित रहा। यह बापटला से 40 किमी दक्षिण-पश्चिम और मछलीपट्टनम से 120 किमी पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में मौजूद है। मछलीपट्टनम और विशाखापट्टनम के डॉपलर वेदर रडार से इस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह चक्रवात उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और धीरे-धीरे कमजोर होता जाएगा। आज 3 नवंबर दोपहर 11:30 बजे तक यह एक सामान्य चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा, जिसमें हवा की रफ्तार 80-90 किमी प्रति घंटा रह जाएगी।
शाम 05:30 बजे तक हवाएं घटकर 65-75 किमी प्रति घंटा और आधी रात तक यह और धीमा होकर डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। कल 4 नवंबर की सुबह तक यह पूरी तरह कमजोर होकर शांत होगा।
कहां और कब होगी बारिश?
तूफान के असर से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में आज 3 नवंबर को अधिकांश स्थानों पर बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। कल 4 नवंबर को भी इन क्षेत्रों में छिटपुट भारी बारिश जारी रहेगी।
तेलंगाना में आज कई जिलों में मूसलाधार और अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है, जो कल भी कुछ जगहों पर देखने को मिल सकती है। उत्तरी तमिलनाडु में आज छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में 3 और 4 नवंबर को मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
कितना होगा असर?
आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों जैसे बापटला, प्रकाशम, नेल्लोर, कृष्णा, गुंटूर और पश्चिम गोदावरी में आज सुबह 100-110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। दोपहर तक यह रफ्तार घटकर 70-80 किमी प्रति घंटा और शाम तक 40-50 किमी प्रति घंटा पर आ जाएगी।
उत्तरी तमिलनाडु के चेन्नई, कांचीपुरम और तिरुवल्लूर जिलों में 60-70 किमी प्रति घंटे की तेज हवाएं शाम तक जारी रहेंगी। वहीं तेलंगाना और रायलसीमा के अंदरूनी जिलों में दोपहर तक 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है।
समुद्र में हालात बेहद खतरनाक बने हुए हैं। पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र तट पर 9 से 14 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ रही हैं। साथ ही सामान्य ज्वार से 1.0 से 1.5 मीटर ऊंची समुद्री लहरें तटीय इलाकों में प्रवेश कर सकती हैं।
फ्लैश फ्लड का डर
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कई जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और जलभराव का खतरा जताया है। आंध्र प्रदेश के बापटला, गुंटूर, कृष्णा, एलुरु, पलनाडु, प्रकाशम और नेल्लोर जिले इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
तेलंगाना के नलगोंडा, नगरकुरनूल, सूर्यापेट और रायलसीमा के तिरुपति व अन्नामय्या जिलों के निचले इलाकों में भी पानी भरने का गंभीर जोखिम है।
तेज हवाओं और भारी बारिश से कच्चे मकानों, झोपड़ियों और टीन की छतों को भारी क्षति पहुंच सकती है। बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के उखड़ने से बिजली और संचार सेवाएं ठप हो सकती हैं। केला, पपीता, नारियल के बागानों और धान की खड़ी फसलों को भारी नुकसान होने का अंदेशा है। सड़कों और रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है।
क्या हैं मौसम विभाग की अपील?
आपदा प्रबंधन और मौसम विभाग ने मछुआरों को 4 नवंबर की दोपहर तक बंगाल की खाड़ी और संबंधित समुद्री तटों पर न जाने की सख्त हिदायत दी है। तटवर्ती और निचले इलाकों के लोगों को पक्के व सुरक्षित शेल्टर होम में शिफ्ट किया जा रहा है।
नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और कमजोर या जर्जर इमारतों में रहने से बचें। यात्रा पर निकलने से पहले ट्रैफिक और मौसम की जानकारी अवश्य लें तथा जलभराव वाले रास्तों की तरफ जाने से बचें।



