झज्जर में डेंगू का कहर: हरियाणा में कुल 105 केस सामने; प्रदेश में 27 प्रयोगशालाएं काम कर रही

हरियाणा में इस साल अब तक डेंगू के 105 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि संक्रमण से अभी तक किसी मरीज की मौत नहीं हुई है। सबसे ज्यादा 24 मामले झज्जर में मिले हैं। गुरुग्राम और करनाल में 13-13, फरीदाबाद और सिरसा में 5-5, सोनीपत में 8, महेंद्रगढ़ में 7 और चरखी दादरी में 6 मामले सामने आए हैं।
बाकी मामले अन्य जिलों में हैं। पिछले 11 वर्षों में डेंगू से 51 मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्ष 2021 में सबसे ज्यादा 11,836 मामले मिले थे। इसके बाद 2022 में 8,996, 2023 में 8,081 और 2024 में 6,469 मामले सामने आए।
वहीं, प्रदेश में इस साल अब तक मलेरिया के 79 मामले मिले हैं, जबकि पिछले साल 202 मामले सामने आए थे। 30 जून तक 14.50 लाख से अधिक मलेरिया टेस्ट किए जा चुके हैं। इससे 4.66 फीसदी एबीईआर हासिल हुई है, जबकि लक्ष्य 3 फीसदी था।
डेंगू की जांच के लिए प्रदेश में 27 प्रयोगशालाएं काम कर रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी नमूने लिए जा रहे हैं। निजी लैब अधिकतम 600 रुपये में निर्धारित डेंगू जांच कर सकती हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रजनन स्रोत खत्म करने के लिए घर-घर अभियान चलाया। 30 जन तक 1.58 करोड़ घरों का दौरा किया गया, जहां 17,113 घरों में मच्छरों के लार्वा मिले। डेंगू मरीजों के लिए सरकारी अस्पतालों में 267 वार्ड और 1070 बेड आरक्षित हैं।
सरकारी अस्पतालों में भर्ती हरियाणा के डेंगू मरीजों को निशुल्क सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) देने की व्यवस्था है। प्रदेश में 10 प्लेटलेट एफेरेसिस केंद्र हैं। निजी अस्पतालों में 72 एफेरेसिस मशीनें उपलब्ध हैं।



