राजस्थान में बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम

राजस्थान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी जयपुर में पेट्रोल के दाम में 3.25 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम में 3.02 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की गई है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। इससे पहले जयपुर में पेट्रोल 104.72 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, जो अब बढ़कर 107.97 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
वहीं डीजल की कीमत 90.21 रुपये से बढ़कर 93.23 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोल-डीजल के बढ़े दामों का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ेगा। खासकर परिवहन, फल-सब्जी और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
अन्य शहरों में भी बढ़े ईंधन के दाम
राजस्थान के अन्य शहरों में भी ईंधन की कीमतों में बदलाव दर्ज किया गया है। जोधपुर में पेट्रोल करीब 108.40 रुपये और डीजल 93.55 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। उदयपुर में पेट्रोल 109 रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि डीजल 94 रुपये प्रति लीटर के आसपास है। कोटा में पेट्रोल करीब 107.60 रुपये और डीजल 92.90 रुपये प्रति लीटर है। वहीं अजमेर में भी पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
पेट्रोल पंप डीलरों ने लगाया सप्लाई कम करने का आरोप
राजस्थान के पेट्रोल पंप डीलरों ने आरोप लगाया है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने रिटेल आउटलेट्स को ईंधन की सप्लाई कम कर दी है और उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल बेचने पर अनौपचारिक सीमा तय कर दी है। डीलरों ने चेतावनी दी है कि इससे पेट्रोल पंपों पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
डीलर्स एसोसिएशन ने कंपनियों को सौंपा ज्ञापन
राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने गुरुवार को ऑयल कंपनियों को सौंपे गए एक ज्ञापन में कहा कि डीलरों को मोबाइल संदेशों और मौखिक निर्देशों के जरिए व्यक्तिगत उपभोक्ताओं को सीमित मात्रा में ईंधन बेचने को कहा जा रहा है।
पेट्रोल और डीजल बिक्री पर सीमा तय करने का आरोप
एसोसिएशन के महासचिव शशांक कोरानी के अनुसार, इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने कथित तौर पर डीलरों को प्रति उपभोक्ता डीजल की बिक्री 50 हजार रुपये तक और पेट्रोल की बिक्री 5 हजार रुपये तक सीमित रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कथित तौर पर पेट्रोल की बिक्री 49 लीटर और डीजल की बिक्री 200 लीटर तक सीमित कर दी है। एसोसिएशन का कहना है कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की ओर से भी इसी तरह के प्रतिबंधों की जानकारी दी गई है।
तय सीमा से ज्यादा बिक्री पर सप्लाई रोकने का आरोप
एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि यदि डीलर तय सीमा से अधिक ईंधन बेचते हैं तो पेट्रोल पंपों को होने वाली सप्लाई रोक दी जा रही है। ज्ञापन में कहा गया है कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार या ऑयल कंपनियों की ओर से इस तरह के प्रतिबंधों को लेकर कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।
कानून-व्यवस्था बिगड़ने की जताई आशंका
डीलर्स संगठन ने चेतावनी दी कि इस कदम से पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ सकती है और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो सकती है।
कई पेट्रोल पंपों पर खत्म हो रहा ईंधन
संगठन ने यह भी कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत पेट्रोल पंपों पर न्यूनतम स्टॉक बनाए रखना जरूरी है, लेकिन डिपो से कम सप्लाई मिलने के कारण कई आउटलेट्स पर ईंधन खत्म होने की स्थिति बन रही है, जिससे डीलरों पर प्रशासनिक कार्रवाई का खतरा बढ़ गया है।
स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग
एसोसिएशन ने ऑयल कंपनियों से मांग की है कि वे इस संबंध में स्पष्ट लिखित दिशा-निर्देश जारी करें और उपभोक्ताओं में भ्रम व विवाद की स्थिति से बचने के लिए इसकी जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक करें।



