यहाँ पढ़े #BoycottBollywood ट्रेंड पर जावेद अख्तर ने क्या बोला

Javed Akhtar on Boycott Bollywood पर जावेद अख्तर ने खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि इस तरह के किसी भी बायकॉट से कोई फर्क नहीं पड़ता लोग फिल्म देखने आते हैं अगर अच्छी बनी हो तो।
बॉलीवुड में इन दिनों बायकॉट का ट्रेंड चल रहा है। इस साल की शुरुआत से ही एक-एक करके कई बड़ी फिल्में इसी ट्रेंड के चक्कर में सिनेमाघरों से आउट हो गईं। इसमें लाल सिंह चड्ढा, शमशेरा, और रक्षा बंधन जैसी बड़ी फिल्मों के नाम शामिल है। बॉलीवुड में असफल हो रही फिल्मों का ठीकरा इस बायकॉट ट्रेंड पर भी ही फोड़ा जा रहा है। अब इसी पर लिरिसिस्ट जावेद अख्तर ने खुलकर बात की है।
ई-टाइम्स से बात करते हुए जावेद अख्तर ने बायकॉट कल्चर को पुराने जमाने की बात बताया। एक सवाल के जवाब में जावेद अख्तर ने कहा- अगर फिल्म अच्छी होती है तो उसकी तारीफ होती है और लोग देखने भी आते हैं। अगर फिल्म अच्छी नहीं बनी तो उसे कोई देखने नहीं आएगा। अच्छी स्टोरी ही काम करती है। मुझे नहीं लगता कि फिल्म के फ्लॉप होने कारण कैंसिल कल्चर या बायकॉट कल्चर है।
बता दें कि जावेद अख्तर पहले ऐसे नहीं हैं जिन्होंने बायकॉट को फिल्म के फ्लॉप होने की वजह मानने से इनकार किया हो। इससे पहले एक इंटरव्यू में करण जौहर भी कह चुके हैं कि फिल्म अगर अच्छी होगी तो चलेगी, जैसे कार्तिक आर्यन की ‘भूल भुलैया’ 2 और ‘जुग जुग जियो’। हालांकि लाल सिंह चड्ढा और शमशेरा के फ्लॉप होने के बाद ठीकरा इसी बायकॉट कल्चर पर फोड़ा गया था। शमशेरा के डायरेक्टर ने हाल ही में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर फिल्म के फ्लॉप होने का दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि हम नफरतों से हार गए।इससे पहले आलिया भट्ट ने भी #BoycottBollywood ट्रेंज पर रिएक्शन देते हुए एक इंटरव्यू में कहा, ‘मैं इन ट्रेंड्स पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं देती। किसी को नहीं पता कि यह ट्रेंड्स कहा से आ रहे हैं। मैं सिर्फ देखती हूं कि यह फिल्म ने अच्छा किया या नहीं। इसलिए मैं कह रही हूं कि दर्शक राजा हैं क्योंकि वे तय करते हैं कि वह पैसे देना चाहते हैं और थिएटर में फिल्म देखना चाहते हैं या नहीं, कोई भी ट्विटर ट्रेंड इसे डिसाइड नहीं कर सकता है’।




