ChatGPT में आए नए सिक्योरिटी फीचर्स

OpenAI ने ChatGPT में दो नए सिक्योरिटी फीचर एड किए हैं। ये फीचर्स लॉकडाउन मोड और एलिवेटेड रिस्क लेबल्स हैं। इन टूल्स का मकसद ये पक्का करना है कि AI यूजर का डेटा चोरी न करे। भारत जैसे देश में डिजिटल पेमेंट, आधार से जुड़ी सर्विस और ऑनलाइन बैंकिंग के साथ AI का तेजी से बढ़ते इस्तेमाल देखते हुए, इस कदम को बहुत जरूरी माना जा रहा है। ये ऐसे समय में खास तौर पर जरूरी है जब साइबर फ्रॉड और डेटा लीक की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

साइबर फ्रॉड से बचाव
प्रॉम्प्ट इंजेक्शन नाम का एक नया साइबर खतरा सामने आया है। इसमें, एक हैकर किसी डॉक्यूमेंट के अंदर इंस्ट्रक्शन छिपा देता है। अगर कोई यूजर ChatGPT जैसे AI टूल से इसे पढ़ने के लिए कहता है, तो AI अनजाने में कॉन्फिडेंशियल जानकारी दिखा सकता है। मान लीजिए आप AI से किसी सस्पिशियस वेबसाइट से टेक्स्ट एनालाइज करवाते हैं; तो इसमें छिपा कमांड AI को आपके सिस्टम से डेटा खींचने के लिए कहता है।

एलिवेटेड रिस्क लेबल: पहले अलर्ट, फिर एक्शन
ये फीचर यूजर को पहले ही चेतावनी देगा कि इस्तेमाल किया जा रहा फीचर या वेब-कनेक्टेड टूल और ज्यादा डेटा एक्सपोज कर सकता है। यानी, अगर ChatGPT किसी बाहरी थर्ड-पार्टी वेबसाइट या एप से कनेक्ट हो रहा है, तो स्क्रीन पर ये साफ दिखेगा कि इसमें संभावित रिस्क हो सकते हैं। इससे यूजर खुद तय कर सकता है कि AI के साथ चैट को आगे बढ़ाना है या नहीं।

लॉकडाउन मोड: ‘सेफ मोड’ चुनने का ऑप्शन
लॉकडाउन मोड भी यूजर्स के लिए काम का साबित होगा। इसे ऑन करने पर, ChatGPT बाहरी सिस्टम, थर्ड-पार्टी एप और वेब कनेक्शन को लिमिट कर देगा। इससे डेटा के बाहर जाने की आशंका कम हो जाएगी। ये फीचर खास तौर पर पत्रकारों, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स, सरकारी अधिकारियों या सेंसिटिव जानकारी से जुड़े यूजर्स के लिए काम का हो सकता है। वे लॉकडाउन मोड में ‘सेफ चैट’ कर पाएंगे।

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